भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO)  ने चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग की तैयारी पूरी कर ली है. बताया जा रहा है कि यह 15 जुलाई को लाँच कर दिया जायेगा. पहली बार भारत चंद्रमा की सतह पर लैंडर और रोवर उतारेगा. वहां पर चंद्रयान-2 चंद्रमा की सतह, वातावरण, विकिरण और तापमान का अध्ययन करेगा. इसे तैयार करने में करीब 11 साल लग गए। लेकिन हमारे वैज्ञानिकों ने इस मिशन को पूरा करने के लिए जी-जान लगा दी.

15 जुलाई 2019 को तड़के 2:51 बजे GSLV MK III रॉकेट चंद्रयान-2 को लेकर चांद की ओर बढ़ेगा. खास बात यह है कि चंद्रयान-2 चांद के दक्षिणी हिस्से पर लैंड करेगा.  इसके साथ ही भारत चांद की सतह पर लैंडिंग करने वाला चौथा देश बन जाएगा. इससे पहले अमेरिका, रूस और चीन अपने यानों को चांद की सतह पर भेज चुके हैं. अभी तक किसी भी देश ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास यान नहीं उतारा है.

 साथ ही, यह पहला ऐसा अंतरग्रहीय मिशन होगा, जिसकी कमान दो महिलाओं, प्रॉजेक्ट डायरेक्टर एम. वनीता और मिशन डायरेक्टर रितु करिधाल के पास है. यह मिशन पूरी तरह स्वदेशी है, जिसे भारतीय अंतरिक्ष एवं अनुसंधान संगठन (इसरो) ने तैयार किया है. जो अंतरिक्ष यान धरती से छोड़ा जाएगा, उसके 2 हिस्से हैं: पहला लॉन्च वेहिकल GSLV MK III रॉकेट और दूसरा चंद्रयान-2.


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